*जिले के लगभग 177 स्थानों पर साइबर जागरूकता अभियान आयोजित कर दी गई विस्तृत जानकारी जिले के लगभग 177 स्थानों पर साइबर जागरूकता अभियान आयोजित कर दी गई विस्तृत जानकारी*
🔶* सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने और कम सक्रिय रहने की अपील: एसपी सुनील शर्मा*
🔶 *ओटीपी, एटीएम पिन और बैंक से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी साझा न करने की चेतावनी*
🔶 सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो के अलावा अन्य निजी जानकारी साझा न करने की अपील।
🔶 *साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर रिपोर्ट दर्ज कराने का परामर्श*

सारंगढ़ बिलाईगढ़ *//’शिक्षक दिवस’ के विशेष अवसर पर आज दिनांक 05.09.2026 को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सभी प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों में “मैं भी साइबर शिक्षक” जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। इस विशेष मुहिम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम जनता को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के तरीके समझाना और उन्हें जागरूक करना था। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित “साइबर जागृति अभियान” के तहत 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक 7 सप्ताह का यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तीसरे सप्ताह यानी 29 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक नागरिकों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है।
साइबर जागृति अभियान के तहत “मैं भी साइबर शिक्षक” कार्यक्रम जिले के 177 स्थानों पर आयोजित किया गया, जिसमें जिले के सभी थानों और चौकियों के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख स्थान शामिल हैं। इस दौरान लगभग 30,750 शिक्षकों और छात्रों को साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी देकर जागरूक किया गया।
एसपी सुनील शर्मा ने अशोका पब्लिक स्कूल और सीपीएम कॉलेज में दिया साइबर सुरक्षा का संदेश*

‘मैं भी साइबर शिक्षक’ मुहिम के तहत सारंगढ़ में स्थित दो प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों में साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। सबसे पहले अशोका पब्लिक स्कूल, सारंगढ़ में पुलिस अधीक्षक ने साइबर ठगों द्वारा खुद को पुलिस, सीबीआई/ईडी या कस्टम अधिकारी बताकर, वीडियो कॉल के जरिए डरा-धमकाकर फंसाने की कोशिश, डिजिटल अरेस्ट, अनजान लिंक पर क्लिक न करने, फ़र्ज़ी ईमेल, नौकरी संबंधी झांसे, पैसा दोगुना करने वाली लुभावनी योजनाओं, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से होने वाले खतरों, मॉर्फ्ड इमेजेस और यातायात नियमों के बारे में विशेष जानकारी दी।
साथ ही, उन्होंने खास तौर पर 10वीं और 12वीं के छात्रों को सोशल मीडिया से दूरी बनाने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने करियर पर अधिक ध्यान दें, क्योंकि आज समाज में जितनी भी घटनाएं घटित हो रही हैं, उनमें सही करियर का चुनाव न कर पाना भी एक प्रमुख वजह है। इसलिए, सोशल मीडिया पर कम सक्रिय रहें और अपने करियर पर ध्यान दें।
वहीं, सीपीएम कॉलेज में आयोजित साइबर जागरूकता अभियान में शामिल होकर उन्होंने आज के दौर में हो रही साइबर ठगी के बारे में विस्तृत जानकारी दी और अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों व शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

*डिजिटल प्राइवेसी आज की सबसे बड़ी जरूरत*
बांधापाली के केपी हायर सेकेंडरी स्कूल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र पटेल ने साइबर जागरूकता की जानकारी दी। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आज के दौर में कैसे लोग सोशल मीडिया पर दोस्त बनकर व्यक्तिगत डेटा व OTP हासिल कर लेते हैं और आम नागरिक साइबर ठगी के शिकार हो जाते हैं। इस संबंध में उन्होंने लोगों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में किसी को भी अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी या एटीएम पिन की जानकारी न दें और किसी भी प्रकार की अज्ञात APK फाइल पर क्लिक न करें। जैसे ही हम APK फाइल पर क्लिक करते हैं, साइबर ठग हमारा सिस्टम हैक कर लेते हैं और हमारी सभी व्यक्तिगत जानकारियां प्राप्त कर लेते हैं।
*सोशल मीडिया पर अपनी फोटो और वीडियो के अलावा अन्य जानकारी साझा न करें*
लोचन प्रसाद पाण्डेय महाविद्यालय, सारंगढ़ में एसडीओपी गोविंद दीवान ने साइबर जागृति अभियान की कमान संभाली और साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए। इस दौरान उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई वैधानिक या कानूनी प्रक्रिया नहीं होती है और कोई भी जांच एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए इस तरह गिरफ्तार नहीं करती है। इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है; सीधे नजदीकी पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएं। उन्होंने विशेष रूप से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया पर कोई भी ऐसी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें जिससे ठगों को आपकी पर्सनल डिटेल मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने वहां उपस्थित विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी, जैसे—ट्रिपल सवारी न करना, हेलमेट पहनना, जरूरी दस्तावेज साथ रखना और वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करना।
पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी ऐप डाउनलोड करने या मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने से बचें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध कॉल से घबराने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएं या राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करें।
*पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना किसी देरी के राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराएं*
![]()

