छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशा अनुसार सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में किया गया प्रेसवार्ता

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सारंगढ़  बिलाईगढ़//आज जिला कांग्रेस कार्यालय सारंगढ में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए आज के कार्यक्रम प्रभारी पूर्व जिलाध्यक्ष रायगढ अनिल शुक्ला ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जा चुके हैं। यह स्वयं इस बात का संकेत है कि मामला सामान्य प्रशासनिक त्रुटि का नहीं, बल्कि एक बड़े घोटाले का है।ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने स्वयं सार्वजनिक रूप से बयान दिए हैं, जबकि ट्रस्ट की वित्तीय निगरानी, पारदर्शिता और संपत्तियों की सुरक्षा की सर्वोच्च जिम्मेदारी उन्हीं की थी। मीडिया रिपोटों के अनुसार, ट्रस्ट के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य गोपाल राव (गोपाल नगरकोट) को हटाए जाने और उनकी स्थिति को लेकर भी गंभीर भ्रम और विरोधाभास सामने आए हैं।आरएसएस के पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी कृष्णमोहन को ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है, जबकि उन पर पूरे प्रकरण को दबाने और लीपापोती करने के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए जा चुके हैं। यह जग जाहिर है कि ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और शीर्ष नियुक्तियों में प्रधानमंत्री कार्यालय की सक्रिय भूमिका रही है। ऐसे में केंद्र सरकार अपनी जवाबदेही से स्वयं को अलग नहीं कर सकती। एसआईटी अब राम मंदिर के बड़े आयोजनों के खर्चों की भी जांच कर रही है। 22 जनवरी 2024 की प्राण-प्रतिष्ठा पर लगभग 113 करोड रू. खर्च किए गए, जिसमें लगभग 8,000 अतिथि शामिल हुए। 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम पर लगभग 10.12 करोड़ रू. खर्च किए गए।


फर्जी रसीदों, नकद चढावे, लेखा-जोखा और कधित्त हेराफेरी के अनेक आरोप सामने आए हैं। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही अब तक तय नहीं हुई है।यही नहीं, भाजपा-आरएसएस ने न प्रभु श्री राम के चंदे को छोड़ा और ना ही अब उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ मंदिर से जुड़े हालिया दान घोटाले ने भी यह प्रश्न खड़ा किया है कि कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस इस सच्चाई पर पर्दा नहीं डाल सकती कि सीसीटीवी निगरानी, बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के बिना इतने बड़े स्तर पर यह कथित घोटाला संभव नहीं हो सकता। टुकड़ों-टुकड़ों में इस्तीफे, छोटे कर्मचारियों की गिरफ्तारी और सीमित कार्रवाई केवल लीपापोती का प्रयास प्रतीत होते हैं, ताकि बड़ी मछलियों तक आंच न पहुंचे।वहीं आज कार्यक्रम प्रभारी अनिल शुक्ला ने कहा है कि देश जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर मौन क्यों हैं, क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी, गोपाल राब और ट्रस्ट के अन्य शीर्ष पदाधिकारी इस पूरे प्रकरण में अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं
टस्ट कटघरे में है, तो केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों।आज के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष ताराचंद देवांगन, संजय दुबे,सूरज तिवारी,अरूण मालाकार,नीतिश बंजारे, उमेश केशरवानी,रवीन्द्र नंदे, राधेश्याम जायसवाल ,रामनाथ सिदार, विनोद भारद्वाज,गोलू अग्रवाल, आकाश पांडे,रमेश खुंटे,राकेश पटेल, हेमंत, मितेंद्र यादव,राजू यादव, इत्यादि उपस्थित रहे।

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