🔶 साइबर ठगी की स्थिति में cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं
🔶 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी साझा न करने की अपील
🔶 जिले में लगातार “साइबर जागृति अभियान” कार्यक्रम जारी।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ //छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देश पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को ऑनलाइन ठगों से बचाना और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाना है।
अभियान के छठे सप्ताह (20 से 26 सितंबर 2026) में पुलिस ने आज तीन बातों पर जोर दिया — फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से हो रही ठगी, सरकारी अफसर बनकर किया जाने वाला फ्रॉड, और अपनी निजी जानकारी को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के उपाय।

🔵 *84 स्थानों पर पहुंचकर हजारों लोगों को किया गया जागरूक*
जिले के थानों, पुलिस चौकियों, स्कूल-कॉलेजों और हाट-बाजारों में कुल 84 जागरूकता शिविर लगाए गए। इनमें 5931 से ज्यादा लोगों को यह जानकारी दी गई कि साइबर ठग आजकल किन नए तरीकों से लोगों को फंसाते हैं और उनसे कैसे बचा जाए।
🔵 *ठगी के ये तरीके आजकल सबसे ज्यादा चल रहे हैं*
पहचान वाले की फर्जी आईडी बनाकर ठगी: ठग किसी परिचित की फोटो और नाम से नकली सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाते हैं, फिर उसके दोस्तों-रिश्तेदारों से इमरजेंसी बताकर पैसे मांगते हैं। इस स्थिति में पैसे भेजने से पहले उस व्यक्ति को सीधे फोन पर बात करके पुष्टि जरूर करें।

सरकारी अफसर बनकर धमकी: सरकारी विभाग या अधिकारी के नाम पर फर्जी आईडी बनाकर जुर्माने या कार्रवाई का डर दिखाया जाता है। घबराने की बजाय सीधे संबंधित विभाग से जानकारी की पुष्टि करें।
निजी जानकारी सार्वजनिक करना: घर का पता, मोबाइल नंबर, बैंक खाता या पहचान से जुड़े दस्तावेज सोशल मीडिया पर कभी शेयर न करें।
🔵 *ठगी हो जाए तो देर न करें, ये कदम तुरंत उठाएं*
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर फौरन कॉल करें — शिकायत जितनी जल्दी होगी, पैसा वापस मिलने की उम्मीद उतनी ही ज्यादा रहेगी। इसके अलावा cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।

🔵 *पुलिस की अपील: “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें*
*सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों पर आँख मूंदकर भरोसा न करें, बहकावे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और अपनी निजी जानकारी हमेशा सुरक्षित रखें। कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्प डेस्क को सूचित करें*

![]()

