GST ट्रिब्यूनल पर गहन मंथन, सुप्रीम कोर्ट के जज व वित्त मंत्री सहित उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

रायपुर//राजधानी रायपुर में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित “फिस्कल फ्रंटियर 2026: छत्तीसगढ़ में GST ट्रिब्यूनल का उदय” कार्यक्रम को उद्योग जगत, कर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम के दौरान सभागार खचाखच भरा रहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राज्य में वस्तु एवं सेवा कर (GST) अपीलीय अधिकरण को लेकर उद्योग जगत में गंभीर रुचि और अपेक्षा बनी हुई है।
उद्घाटन सत्र को छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने संबोधित किया। उन्होंने राज्य में कर सुधारों, विवाद समाधान तंत्र की मजबूती और विकसित हो रहे GST ढांचे पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी अपीलीय तंत्र उद्योग और सरकार के बीच विश्वास को सुदृढ़ करता है तथा निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।
कार्यक्रम की विशेष गरिमा देश की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े शीर्ष प्रतिनिधियों की उपस्थिति से और बढ़ गई। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा तथा GST अपीलीय अधिकरण, नई दिल्ली के अध्यक्ष एवं झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. संजय कुमार मिश्रा की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया। दोनों ने अपने संबोधन में GST अपीलीय अधिकरण की भूमिका, कर न्याय व्यवस्था में इसकी आवश्यकता तथा पारदर्शी विवाद निपटान प्रणाली के महत्व पर विचार साझा किए।
तकनीकी सत्र में नवगठित GST अपीलीय अधिकरण की संरचना, अधिकार क्षेत्र और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान GSTAT, छत्तीसगढ़ राज्य पीठ के न्यायिक सदस्य प्रदीप कुमार व्यास तथा तकनीकी सदस्य (केंद्र) सतीश कुमार अग्रवाल भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि ट्रिब्यूनल के प्रभावी संचालन से लंबित कर विवादों के शीघ्र समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम में CII छत्तीसगढ़ राज्य कार्यालय की उप निदेशक एवं प्रमुख श्वेता सोंगेन ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। CII छत्तीसगढ़ वित्त एवं कराधान पैनल के संयोजक एवं HNA & Co. LLP के पार्टनर भावेश मित्तल ने उद्योग-सरकार संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। CII छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष एवं RSV Exim Pvt Ltd के प्रबंध निदेशक संजय जैन तथा राज्य परिषद के उपाध्यक्ष एवं श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक बजरंग गोयल ने भी सभा को संबोधित करते हुए व्यवसाय सुगमता, कर पारिस्थितिकी तंत्र और निवेश संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
समग्र रूप से “फिस्कल फ्रंटियर 2026” राज्य में सशक्त कर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और उद्योग-सरकार सहभागिता को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम ने यह संकेत दिया कि छत्तीसगढ़ में GST अपीलीय अधिकरण की सक्रियता से कर प्रशासन की पारदर्शिता और दक्षता दोनों में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद की जा रही है।
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