🔶आज जिले के 68 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर, 7150 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया,*
🔶अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करने पर जोर।
🔶किसी भी प्रकार की ठगी होने पर तुरंत डायल 1930 पर कॉल कर रिपोर्ट दर्ज कराएं।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ //छत्तीसगढ़ पुलिस के दिशा-निर्देशों के अनुसार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को ऑनलाइन ठगी से बचाना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सतर्क बनाना है।
अभियान के सातवें सप्ताह (27 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026) में पुलिस साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी और यूपीआई पिन सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर विशेष जागरूकता फैला रही है। इस सप्ताह की थीम गांधी जयंती को समर्पित है, जिसके तहत ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और शहरी क्षेत्रों में ‘साइबर चौपाल’ लगाकर आम जनता को जागरूक किया जा रहा है। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय का भी अहम योगदान रहा है।

*68 जगहों पर शिविरों का आयोजन, 7150 से अधिक नागरिक जागरूक*
जिले के विभिन्न थानों, पुलिस चौकियों, स्कूल-कॉलेजों और हाट-बाजारों में आज 68 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 7150 से अधिक नागरिकों को यह बताया गया कि साइबर ठग किस तरह नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है।
*साइबर ठग किन तरीकों से करते हैं ठगी*
- फर्जी अधिकारी बनकर धमकाना — साइबर ठग पुलिस, सीबीआई या बैंक का अफसर बनकर वीडियो या फोन कॉल करते हैं और किसी केस में फंसे होने की बात कहकर “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाते हैं, फिर जांच के नाम पर पैसे जमा कराने का दबाव बनाते हैं।
- केवाईसी और बैंक के नाम पर झांसा — बैंक खाता बंद होने या केवाईसी अपडेट करने के बहाने कॉल या मैसेज भेजकर ओटीपी और यूपीआई पिन पूछ लिया जाता है, जिसके बाद खाते से पैसे उड़ा लिए जाते हैं।
- इनाम और नौकरी का लालच देना — लॉटरी लगने, इनाम जीतने या घर बैठे कमाई का लालच देकर पहले रजिस्ट्रेशन या टैक्स के नाम पर पैसे मंगवाए जाते हैं, या फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल और बैंक की जानकारी चुरा ली जाती है।
*साइबर ठगी से बचाव के उपाय*
- ओटीपी और पिन किसी को न बताएं — बैंक या सरकारी विभाग का कोई भी कर्मचारी आपसे ओटीपी या यूपीआई पिन नहीं मांगता, इसलिए अनजान कॉल या मैसेज पर इन्हें कभी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- घबराएं नहीं, पहले जांच करें — पुलिस या कोई जांच एजेंसी फोन पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती, इसलिए ऐसी धमकी मिलने पर पैसे न भेजें और तुरंत परिवार या नजदीकी थाने से संपर्क करें।
- सोशल मीडिया पर सावधानी रखें — अपनी निजी जानकारी और फोटो सार्वजनिक रूप से साझा न करें, और अनजान लोगों की दोस्ती या बातों में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।
*ठगी होने पर तुरंत उठाएं ये कदम*
- राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें — जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा रहेगी
- cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
🔴पुलिस की अपील: “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें”
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों पर भरोसा न करें, बहकावे में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें। कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्प डेस्क को सूचित करें।

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