सरिया पुलिस ने चोरी के मामले में कड़ी कार्यवाही करने में सफ़लता हासिल की।

खबर को शेयर करें

🔶 सरिया पुलिस द्वारा 4 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर।

🔶एक कट्टा चावल, एक कट्ठा धान और सोने की कंठी सहित कुल 24,000रु. की चोरी।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ //जिले की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में सरिया पुलिस ने चोरी के मामलों में एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 17.08.2026 को ग्राम रिसोरा निवासी जीतांबर पटेल ने सरिया थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे अपने परिवार सहित 04.08.2026 को अपने घर में ताला लगाकर पशुपतिनाथ मंदिर एवं बैजनाथ धाम दर्शन के लिए गए थे। दिनांक 16.08.2026 को जब वे वापस लौटे, तो उन्होंने देखा कि घर के अंदर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और कमरे के अंदर रखा सामान बिखरा हुआ था। सामान की जांच करने पर पता चला कि एक कट्टा चावल, एक कट्टा धान, 21 नग सोने की कंठी कीमत लगभग 20,000 रु. और करीब 4,000 रुपये नकद कोई अज्ञात चोर चुराकर ले गया है।

घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद, सरिया पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए अज्ञात चोरों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 190/2026, धारा 331(4), 305(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान चार संदेहियों को हिरासत में लेकर पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने चोरी करना कबूल कर लिया। आरोपियों ने चोरी का सामान झसकेतन निषाद उम्र 39 वर्ष, निवासी रिसोरा, सरिया को बेचना बताया। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों में 1. विश्वजीत विशाल पिता अशोक विशाल, 2. केशव उर्फ राजा कोडाकू, 3. स्वाधीन यादव पिता गोपाल यादव सभी निवासी ग्राम रिसोरा, सरिया, छत्तीसगढ़ शामिल हैं। उनके कब्जे से मौके पर कुल 21,120 रुपये जब्त किए गए।

प्रकरण में झसकेतन निषाद को तलब कर पूछताछ की गई, और उसने भी अपना जुर्म स्वीकार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 3(5) एवं 317(2) जोड़कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया, सहायक उपनिरीक्षक सुमन कुमार चौहान, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक गजेंद्र कुमार, आरक्षक ताराचंद, आरक्षक सुरेंद्र पटेल, आरक्षक गीता भास्कर, आरक्षक लक्ष्मीनारायण पांडे और आरक्षक नर्मदा यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Loading